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Bageshwar: लापता बकरियों की तलाश में ड्रोन का सहारा, आठवें दिन भी नहीं मिली सफलता

गायत्री जोशी Updated Mon, 02 Feb 2026 04:23 PM IST

बागेश्वर जिले के कपकोट में स्यालडुंगा गांव से लापता 25 बकरियों के मामले में आठ दिन बीत जाने के बाद अब वन विभाग की सक्रियता बढ़ी है। तेंदुए के हमले की पुष्टि होने के बाद विभाग ने अब बकरियों की खोजबीन के लिए तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। रविवार को भी दिनभर चले रेस्क्यू अभियान में टीम को कोई नई सफलता नहीं मिली। रेंजर केवलानंद पांडेय ने बताया कि बकरियों की तलाश के लिए रविवार को ड्रोन सहित एक विशेष टीम को मौके पर भेजा गया। दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों में ड्रोन के जरिए उन स्थानों की निगरानी की जा रही है जहां जंगली जानवरों का बसेरा है। दिनभर चले अभियान में किसी भी नई बकरी की बरामदगी नहीं हो पाई है। जिपं बलवंत राम ने बताया कि बीते 24 जनवरी को कन्यालीकोट निवासी गोपाल राम की 25 बकरियां अचानक लापता हो गई थीं। तब से ग्रामीण और पशुपालक स्वयं ही जंगलों की खाक छान रहे हैं। अब तक महज सात बकरियां ही जीवित बरामद हो पाई हैं, जबकि एक बकरी का शव मिला है, जिसे तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं शेष 17 बकरियों के जीवित होने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, जिससे पशुपालक की चिंता बढ़ती जा रही है। जिपं सदस्य ने वन विभाग पर शुरुआती लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते विभाग ड्रोन और रेस्क्यू टीम भेजता, तो नुकसान कम हो सकता था। उन्होंने सरकार से प्रभावित को मुआवजा देने की मांग की है। वर्तमान में कपकोट पुलिस और वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चला रही है।

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