बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र के स्यालडुंगा गांव से पिछले छह दिनों से लापता 25 बकरियों के मामले में शनिवार को बड़ी सूचना सामने आई है। ग्रामीणों ने सघन तलाशी अभियान चलाकर सात बकरियों को सुरक्षित बरामद कर लिया है, जबकि एक बकरी का क्षत-विक्षत शव मिला है। मृत बकरियों तेंदुए के हमले की पुष्टि होने के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बीती 24 जनवरी को कन्यालीकोट निवासी गोपाल राम की 25 बकरियां जंगल से अचानक लापता हो गई थीं। शनिवार को जिपं सदस्य बलवंत राम और ग्रामीणों ने जब जंगलों में खोजबीन की, तो उन्हें सात बकरियां जीवित मिलीं। इससे पहले शुक्रवार की शाम पुलिस और ग्रामीणों की टीम ने एक बकरी को बरामद किया था। मौके पर एक बकरी का आधा खाया हुआ शव भी मिला। जिससे ग्रामीणों को अब तेंदुए के हमले की आशंका जताई है। जिपं सदस्य मौके से वीडियो जारी कर वन विभाग के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जंगल में तेंदुए की मौजूदगी के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं और उसकी आहट से ग्रामीण डरे हुए हैं। बार-बार सूचित करने के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर बकरियों को ढूंढ रहे हैं। रहस्यमय ढंग से 25 बकरियों के लापता होने के बाद पीड़ित गोपाल राम का परिवार बकरियों के नुकसान और तेंदुए के खौफ में है। घटना से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाने की मांग की है।