गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र से लौटे अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सत्र को महज खानापूर्ति बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा नहीं की। पत्रकार वार्ता में विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि भराड़ीसैंण में अनुपूरक बजट पारित कराने के लिए सत्र आहूत किया गया था, लेकिन इसकी अवधि महज दो दिन रखी गई। पहले दिन शोक संवेदना और बजट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में समय बीत गया। ऐसे में विपक्ष को जनहित के मुद्दे उठाने के लिए केवल एक दिन मिला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार एक गंभीर मुद्दा है। पिछले दिनों सरकार में मंत्री पर उनके पति की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप सहित वहीं विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर विपक्ष नियम 310 के तहत चर्चा कराना चाहता था। इसके लिए अध्यक्ष से नियम 58 के तहत भी अपनी बात रखने का अनुरोध किया गया, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया। इस पर विपक्ष ने सदन में विरोध जताया। तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और विपक्ष की बात सुनने से बच रही है। उन्होंने कहा कि दो दिन के सत्र पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिसका आर्थिक बोझ अंततः जनता पर पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार भराड़ीसैंण में पर्यटक की तरह पहुंची थी। विधायक ने कहा कि सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार नहीं हुई। उन्होंने सत्र की अवधि बढ़ाकर जनहित के विषयों पर सार्थक चर्चा कराने की जरूरत बताई। इस दौरान जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, नगर अध्यक्ष तारू जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, आनंद सिंह बगडवाल मौजूद रहे।