काशी के दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की विश्वप्रसिद्ध दैनिक आरती अपने निर्धारित स्थान पर शुरू हो गई है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण पिछले दिनों आरती स्थल को कई बार पीछे करना पड़ा था। जलस्तर घटने और घाट पर जगह उपलब्ध होने के बाद आरती को फिर मूल स्थान पर शुरू किया गया। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहले की तरह घाट की सीढ़ियों पर होने वाली आरती देखने का अवसर मिलेगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बदला गया था स्थल गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अगस्त में दशाश्वमेध घाट पर आरती स्थल को निर्धारित जगह से करीब 15 फीट पीछे करना पड़ा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरती स्थल में बदलाव किया गया था। जलस्तर में और वृद्धि होने पर 17 अगस्त को आरती पांचवीं बार बदली गई और इसे घाट के बजाय छत पर आयोजित करना पड़ा था। उस समय गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया था। जलस्तर घटने से घाटों पर लौटी रौनक सितंबर में गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों पर गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगी थीं। 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, अस्सी घाट पर गंगा आरती निचली सीढ़ियों पर लौट आई थी, जबकि दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं को नावों से आरती देखने की अनुमति दी गई थी। दशाश्वमेध घाट पर आरती अपने मूल स्थान पर शुरू होने से काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा फिर पहले की तरह नजर आएगी। हालांकि, गंगा के जलस्तर में बदलाव होने पर सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन और आरती आयोजकों को व्यवस्थाओं में फिर बदलाव करना पड़ सकता है।