प्रभु चरणों की महिमा बड़ी भारी है।आपके चरणकमलों के प्रताप से पत्थर की अहिल्या स्त्री बन आकाश में उड़ गयी। फिर हमारी नैय्या तो काठ की हैं। कहीं ये भी चरणरज का स्पर्श पाकर स्त्री बन जाए तो। नहीं स्वामी नहीं बिना इन चरणों को धोए चरणामृत का पान किए हम नाव पर नहीं चढ़ाएंगे।