श्री आदि रामलीला लाटभैरव वरुणा संगम काशी की सुप्रसिद्ध भरतमिलाप की लीला बीती देर रात राजघाट (भैसासुर त्रिमुहानी) पर हुई। लीलाप्रेमियों ने रामचंद्र की जय, लखनलाल की जय, चारों भाइयों की जय और हर हर महादेव... के जयघोष के बीच चारों भाइयों को जब एक दूसरे के गले मिलते देखा तो भावविभोर हो गए। चारों तरफ से मकानों की दूसरी और तीसरी मंजिलों से भी पुष्प वर्षा होने लगी। समिति के प्रधानमंत्री कन्हैया लाल यादव एडवोकेट, आचार्य पंडित दयाशंकर त्रिपाठी, केवल कुशवाहा, मनोज यादव, श्याम सुंदर सिंह, कामेश्वर पाठक आदि भारी संख्या में रामलीला समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता संभ्रात नागरिक भरत मिलाप की उस एक झलक पाने के लिए आतुर थे। मिलाप के पूर्व श्रीराम, लक्ष्मण, जानकी निषादराज आश्रम (धनेसरा मठ) से पुष्पक विमान से भरत मिलाप स्थल राजघाट पहुंचे।