सोनभद्र जिले के 2,061 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब दो लाख नौनिहालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय सर्वे में 559 विद्यालयों में चहारदीवारी से जुड़े काम अधूरे या लंबित पाए गए हैं। इन विद्यालयों में करीब 30 हजार बच्चे पढ़ते हैं। कहीं चहारदीवारी बनी ही नहीं है तो कहीं वर्षों पहले बनी दीवार जर्जर होकर ढह चुकी है। 396 विद्यालयों में नई बाउंड्रीवॉल बनाने, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने अथवा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने की जरूरत है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले के 10 विकास खंडों के 143 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण अधूरा है या काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इनमें रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के 29, करमा के 21 और चोपन के 20 विद्यालय शामिल हैं। वहीं नई चहारदीवारी, मरम्मत या ऊंचाई बढ़ाने की सबसे अधिक जरूरत घोरावल के 65, रॉबर्ट्सगंज के 58 और करमा के 51 विद्यालयों में बताई गई, कई विद्यालयों में बाउंड्री न होने या दीवार की ऊंचाई कम होने के कारण छुट्टा पशु और आवारा कुत्ते परिसर में आसानी से पहुंच जाते हैं। खासकर मध्याह्न भोजन के समय खाने की गंध पाकर गाय, बैल और अन्य पशु विद्यालय परिसर में पहुंच जाते हैं। इससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। कई बार शिक्षकों को पढ़ाई छोड़कर लाठी के सहारे पशुओं को विद्यालय से बाहर भगाना पड़ता है।