भनवापुर क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में पीएसएमए शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के कुल 84 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच कर आवश्यक सुझाव दिया गया।अधीक्षक डॉ.शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त चाप,मधुमेह,फीटस के बेड़े होने,गंभीर एनिमिया,प्लेसेंटा का विकृत व नीचे होने से गर्भवती महिलाओं में जान का खतरा बना रहता है,इसलिए गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी तथा चिकित्सीय परामर्श व इलाज बहुत जरूरी है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में उच्च जोखिम वाले खतरे के लक्षण की पहचान जरुरी है , जिससे समय से चिकित्सीय प्रबंधन से जच्चा व बच्चा दोनो को सुरक्षित किया जा सकता है।