पौली ब्लाॅक क्षेत्र के शंकरपुर (बक्शीजोत) में चल रही श्रीमदभागवत कथा में संत वरुणाचार्य महराज ने श्रोताओं को भक्ति ज्ञान व वैराग्य की संगीतमयी कथा का रसपान कराया। भागवत कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कथा वाचक ने कहा कि कुंती ने भगवान से वरदान में दुख और विपत्ति की मांग की। कुंती ने कहा कि सुख में लोग भगवान को भूल जाते हैं और दुखों के समय प्रभु का सदैव स्मरण करते हैं।