विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने मांग किया कि निजीकरण की प्रक्रिया सरकार निरस्त करें। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी योगेंद्र चौहान ने कहा कि उड़ीसा में हुए बिजली वितरण के निजीकरण के प्रयोग फेल हो गए है। ऐसे में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाना चाहिए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है।