खुशहालपुर स्थित बैंक्वेट हॉल में चल रहे 12 ज्योतिर्लिंग मेले में लोगों ने भ्रमण किया। इस दौरान लोगों को 12 ज्योतिर्लिंग की विशेषता बताई गई। शिविर लगाकर लोगों को परमात्मा के बारे में बताया गया। प्रजापति ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय संस्था की ओर से आयोजित शिविर में राज योगिनी वीके आशा दीदी ने कहा कि परमात्मा को हम मानते हैं लेकिन जानते नहीं हैं। परमात्मा निराकार हैं जो जन्म-मृत्यु से परे हैं। सर्वधर्म वाले उस निराकार भगवान को कोई नूर इलाही, कोई कुछ और कहता है। जबकि परमात्मा निराकार शिव भगवान हैं। जिसके लिए यह 12 ज्योतिर्लिंग मेला लगा हुआ है।उन्होंने कहा कि शिव अलग हैं और शंकर अलग। परमात्मा शिव है शंकर उसका पुत्र देवता। परमात्मा परमधाम में रहता है। परमात्मा गुणों का सागर है। परमात्मा निराकार है, जिसका अपना कोई शरीर नहीं है। इसलिए ज्योतिर्लिंग में परमात्मा को समझेंगे तभी विश्व का कल्याण होगा। आज हम भटक रहे हैं। इसलिए हम दुखी हैं। उन्होंने कहा कि हम सब का यही कहना है कि जबतक उस निराकार भगवान शिव को नहीं पहचानेंगे तब तक हमारे जीवन का उद्धार नहीं हो सकता है। इस मौके पर मिलन विहार की पार्षद गीता, वीके रानी, वीके निर्दोष, वीके पूनम आदि लोग मौजूद रहे।