संविधान सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है। स्वतंत्रता के बाद हमने लोकतंत्र के विचारों को आत्मसात कर विकास की दिशा तय की है। भारत की विविधता ही उसकी असली ताकत है और हमारा संविधान उसी विविधता का प्रतिबिंब है। यह बातें बुधवार को बुद्धि विहार में 15 करोड़ रुपये की लागत से बने संविधान-साहित्य पार्क के लोकार्पण के अवसर पर मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहीं।