डबल फाटक पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए देर रात तक लोहे के हैवी बीम लगाए गए। इसके साथ ही रेलवे हाइट गेज रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए लेकिन साइन बोर्ड नहीं लगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस पुल पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। रेलवे के अधिकारियों ने डबल फाटक पुल के दो स्पैन की मरम्मत करने के बाद वाहनों का संचालन शुरू करा दिया है लेकिन पुल अभी भी भारी वाहनों के चलने लायक नहीं है। पुल की कार्यक्षमता को लेकर डीएम ने 11 नवंबर को रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। रेलवे के अभियंताओं ने अवगत कराया कि पुल निर्माण की स्वीकृति मुख्यालय से मिल चुकी है लेकिन पुल के टेंडर निकालने में आठ माह का समय लगेगा। ऐसे में पुल का ध्वस्तीकरण करने के बाद निर्माण करने में दो साल लग जाएंगे। इस प्रकार नए पुल का निर्माण करने में 28 माह लगेंगे। डीएम अनुज सिंह ने स्पष्ट किया कि नए पुल के निर्माण होने तक उसका निरीक्षण और परीक्षण लगातार रेलवे के अभियंता करेंगे। किसी प्रकार की गड़बड़ी प्रकाश में आने पर रेलवे के अधिकारी जिला प्रशासन को तत्काल अवगत कराएंगे। पुल के दोनों तरफ 2.5 मीटर ऊंचा बीम लगाया जाएगा ताकि कोई वाहन उसे तोड़ न सके। साथ ही आम जनता की सूचना के लिए रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। रेलवे के अभियंताओं के निर्देशन में रविवार की देर रात तक हैवी बीम लगाने का काम जारी रहा। अभी साइनबोर्ड लगाने का काम बाकी रह गया है। रेलवे के अभियंताओं ने बताया कि इस पुल पर भारी वाहन संचालित नहीं होंगे। सिर्फ लाइट वाहन की चलाए जाएंगे।