मेरठ के रोहटा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में सड़क हादसे में घायल युवक के उपचार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने एक दिन के उपचार के लिए लगभग 40 हजार रुपये का बिल थमा दिया और मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने में अनावश्यक देरी की। उनका यह भी आरोप है कि अस्पताल के संचालक और कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा मरीज की गंभीर हालत के बावजूद सहयोग नहीं किया। बाद में परिजनों ने धन की व्यवस्था कर मरीज को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की गई है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी शेष है और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच की मांग की गई है।