मथुरा के ग्राम पंचायत मुड़सेरस में सरकारी खड़ंजे की ईंटें ग्राम प्रधान के घर में लगा दी गईं। इसकी जांच में प्रधान और सचिव पर वित्तीय अनियमितता एवं कार्याें की गुणवत्ता में कमी मिलने पर नोटिस दिया है। वहीं 15 दिन में स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। ग्राम पंचायत प्रशासक पर प्रधानी के कार्यकाल में ग्राम पंचायत में खड़ंजे की ईंटें निकालकर अपने निजी मकान में प्रयोग करने और कई जगह पर खड़ंजा बनवाए बिना धन निकासी के आरोप है। वहीं एक-दो हैंडपंपों की मरम्मत के नाम पर 8.58 लाख रुपये का भुगतान करने के साथ पेयजल योजना सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना 1.57 लाख रुपये के अवैध भुगतान के गंभीर आरोप लगाए है। इसकी शिकायत पर डीएम सीपी सिंह ने 28 जुलाई को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सतीश ढाका को जांच अधिकारी और लघु सिंचाई विभाग के जेई को तकनीकी सहयोगी बनाकर प्रारंभिक जांच सौंपी कराई थी। उन्होंने 21 अगस्त को दी जांच आख्या में प्रधान और सचिव पर वित्तीय अनियमितता, सरकारी धन के दुरुपयोग और कार्यों की गुणवत्ता में कमी बतायी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने प्रधान एवं सचिव को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का मौका दिया है। इसमें उचित स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर डीपीआरओ के माध्यम से पद से हटाने की कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। इस मामले में प्रधान और सचिव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला पंचायतराज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि मुड़सेरस के प्रधान और सचिव दोनों की वित्तीय अनियमितता पर डीएम ने नोटिस दिया है। प्रधान ने सरकारी खड़ंजे की ईंटे अपने घर में लगवा लीं थी। 15 दिन में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर पद से हटाने की कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है।