मथुरा का बरसाना रविवार को अलौकिक दृश्य का साक्षी बना। जब राधारानी का जन्मोत्सव प्रारम्भ हुआ, तभी आसमान में उमड़े बादलों ने मानो स्वयं बधाई का बिगुल बजा दिया। वर्षा की फुहारें बूंद-बूंद अमृत बनकर बरसीं और राधारानी का अभिषेक करती प्रतीत हुईं। भक्तों ने इस अद्भुत दृश्य को देख हृदय से अनुभव किया कि प्रकृति स्वयं सेविका बन लाड़ो का श्रृंगार कर रही है।