राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह प्रथम ने किया। इस अवसर पर सुलह समझौते के आधार पर कुल 33,167 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें 11,57,32,884 रुपये की समझौता धनराशि निर्धारित हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवप्रिय सारस्वत की देखरेख में आयोजित राष्ट्रीय लोकअदालत में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नंद प्रताप ओझा की अदालत ने 32 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राकेश वर्मा ने 32 मोटर दुर्घटना वाद निपटाए। उन्होंने 79,15,000 रुपये का प्रतिकर भी दिलाया। स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष सरिता वाधवानी ने एक वाद का निस्तारण किया। एडीजे (डकैती) सुनील सिंह ने दो वाद निपटाकर एक हजार रुपये की राशि तय की। अपर सिविल जज विकास कुमार द्वितीय ने 9 वाद निस्तारित कर 4,000 रुपये की समझौता राशि निर्धारित की। अपर जिला जज नीरज कुमार महाजन ने 108 वादों का निस्तारण किया। सीजेएम मयंक जायसवाल ने 2,335 वाद निपटाकर 3,47,000 रुपये की समझौता राशि तय की। सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि शंकर गुप्ता ने पंद्रह वादों का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवीन कुमार प्रथम ने 290 वाद निस्तारित किए। उन्होंने 36,490 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया। सिविल जज एफटीसी अदिति जैन ने 50 वाद निपटाकर 33,93,600 रुपये तय किए। सिविल जज श्वेता यादव-2 ने 46 वादों का निस्तारण किया। इन वादों में 25,89,260 रुपये की समझौता धनराशि निर्धारित हुई। सिविल जज राखी भदौरिया ने 122 वाद निस्तारित कर 3,71,130 रुपये तय किए। सिविल जज शिल्पी सिंह ने 235 वादों का निपटारा किया।