आज की नारी कोमल है कमजोर नहीं...अरुणिमा सिंह जिन्होंने एक पैर से माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया, सुनीति चौधरी जिन्होंने मात्र 16 की उम्र में स्कूल में क्रांति ला दी...कुछ ऐसी ही वीरांगनाओं के संघर्ष का प्रदर्शन जब मंच पर किया गया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था श्री गोपाल जी महिला मंडल एवं सखी मंडल की ओर से सिविल लाइंस स्थित रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में आदि शक्ति नृत्य मंचन का, जहां मंडल की सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों से नारी के अलग-अलग रूपों को दर्शाया।