कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से बुधवार को सिविल लाइंस स्थित सभागार में बजट पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की ओर से दिए गए मुआवजे के ब्याज पर अब कोई टीडीएस नहीं देना होगा। ऐसा ब्याज करमुक्त कर दिया गया है। इससे दुर्घटना ग्रस्त परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्य वक्ता, सीए गोविंद कृष्णा ने कहा कि जिन व्यापारियों और पेशेवरों के खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है। उनके लिए रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। ट्रस्टों को भी अतिरिक्त समय दिया गया है। बिना ऑडिट वाले ट्रस्ट के लिए भी विवरणी दाखिल करने की समय सीमा 31 अगस्त की गई है। संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है। इससे करदाताओं को गलती सुधारने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी उल्लंघनों पर दंड के स्थान पर अनिवार्य शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में देरी से दाखिल करने पर न्यूनतम शुल्क 75000 और अधिकतम शुल्क 1,50,000 तक लगाने का प्रस्ताव किया गया है।