सर्वेयर आफ कानपुर के बैनर तले शनिवार को सर्वेयरों की बैठक सिंधी धर्मशाला में हुई। इसमें सर्वेयर ने तय किया कि वो किसी भी निजी बीमा कंपनी के आदेश पर आरसी सहित गाड़ियों को बेचने की रिपोर्ट नहीं देंगे। बताया गया कि दिल्ली बम विस्फोट के बाद उसमें वाहनों की संलिप्तता पाए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि इस प्रकार की घटना में निजी बीमा कंपनियों टोटल लॉस के नाम पर आरसी के साथ कबाड़ को बेचा जा रहा है। कानपुर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी पश्चिम को जांच दी। डीसीपी पश्चिम सर्विलांस टीम ने सभी सर्श्यर्स, बीमा कंपनियों और आरटीओ से कबाड़ गाड़ियों का डाटा मांगा है। तय हुआ कि सर्वेयर पुलिस को एक प्रारूप पर डाटा देंगे। विशेषज्ञ निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि कबाड़ गाड़ियों के कागजों का दुरुपयोग अपराध और आतंकी घटनाओं में हो रहा है। निजी बीमा कंपनियां फायदे के लिए कानून से खिलवाड़ कर रहीं हैं। जिससे देश की सुरक्षा खतरे में है। सर्वेयरों ने सामूहिक शपथ ली है कि वो कानून का पालन करेंगे और पुलिस को पूरा डाटा देकर सहयोग करेंगे। बैठक में राजेश तिवारी, पीसी शुक्ला, सोनी सिंह, मोहित असरानी, आनंद दीक्षित, अरूणेंद्र पांडेय, प्रवीन चौरसिया आदि मौजूद थे।