रबी की बुआई का समय चल रहा है लेकिन सरसौल ब्लॉक की सभी 11 साधन सहकारी समितियां 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बंदी पर हैं। समितियों पर ताला लटका होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है और उन्हें मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर यूरिया और डीएपी खरीदनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि बौसर समिति के सचिव राजू सिंह समेत अन्य सचिवों ने अपनी मांगो को लेकर समितियां बंद कर रखी हैं, जिससे रोजाना समिति पहुंच रहे किसान बैरंग लौट रहे हैं। खाद न मिलने से किसानों में भारी आक्रोश है। सरसौल ब्लॉक की पुरवामीर, महुआगांव, सरसौल, खुजऊपुर, महाराजपुर, रायपुर, मंडिलवा, पाल्हेपुर, तिरमा, बेहटा सकत और डोमनपुर समेत सभी समितियां बंद हैं। समितियां बंद होने का सीधा फायदा निजी खाद विक्रेताओं को मिल रहा है, जो मनमाने दामों पर खाद बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। किसान रामकुमार,रामशंकर,दिनकर साहू, उमेश कुमार, सुरेश कुमार आदि का कहना है कि बुआई का समय निकला जा रहा है और समय पर खाद न मिलने से फसल उत्पादन पर असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से जल्द समितियां खुलवाकर खाद वितरण शुरू कराने की मांग की है।