दुर्गाष्टमी पर रविवार को विश्व हिंदू परिषद की दुर्गावाहिनी ने शस्त्र पूजन कर स्थापना दिवस मनाया। संगठन की कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। इसके बाद दुर्गावाहिनी की ओर से नगर के प्रमुख मार्गों से शौर्य संचलन निकाला गया। संचलन में दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति की कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। विश्व हिंदू परिषद दुर्गावाहिनी की क्षेत्रीय संयोजिका कल्पना ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना सनातन समाज को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। समाज की उन्नति और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाएं समाज में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के साथ कई क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। समाज को मजबूत बनाने और नई पीढ़ी में संस्कारों का संचार करने में भी महिलाओं का योगदान अहम है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने और अपनी शक्ति व सामर्थ्य को पहचानने का आह्वान किया। दुर्गाष्टमी पर आयोजित शस्त्र पूजन और शौर्य संचलन के माध्यम से संगठन की कार्यकर्ताओं ने एकजुटता, साहस और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में दुर्गावाहिनी की विभाग संयोजिका विधि, मातृशक्ति की जिला संयोजिका गुंजन और दुर्गावाहिनी की जिला सहसंयोजिका याशिका सहित संगठन की बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रचार प्रमुख शैलेंद्र मौजूद रहे।