गोंडा: भैंस चोरी की घटनाओं के पीछे बाराबंकी और सीतापुर के आरोपियों का कनेक्शन सामने आया है। करनैलगंज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भैंस चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बाराबंकी के आलापुर निवासी चांद बाबू और फुरकान, सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र के मोहद्दीपुर निवासी गौतम तथा बाराबंकी के बड्डूपुर क्षेत्र के परवरभारी निवासी दूबेराज उर्फ लक्ष्मण शामिल है। इनके कब्जे से छह चोरी की भैंसें, एक पिकअप, दो मोटरसाइकिलें और 20 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। एएसपी नितेश सिंह के अनुसार, गिरोह के सदस्य दिन में गांवों में घूमकर पशु बांधने की जगहों की रेकी करते थे। रात में भैंस चोरी कर उन्हें नदी के कछार और झाड़ियों में छिपा देते थे। पर्याप्त पशु जुटने पर पिकअप से दूसरे क्षेत्रों के पशु बाजारों में बेच देते थे। बिक्री से मिली रकम आपस में बांट लेते थे। 27 अक्तूबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की भैंसों को पिकअप में लादकर घाघरा घाट की ओर ले जाया जा रहा है और दो मोटरसाइकिल सवार वाहन की रेकी कर रहे हैं। पुलिस ने नकहरा चौराहे के पास बंधे पर घेराबंदी की। पिकअप में सवार दो लोगों और दोनों मोटरसाइकिल चालकों को पकड़ लिया गया, जबकि चालक समेत कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पिकअप से चार भैंसें मिलीं। आरोपियों की निशानदेही पर जरवल के पास कटी नाला स्थित आम की बाग के किनारे झाड़ियों से दो अन्य भैंसें भी बरामद की गईं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने करनैलगंज के घरकुइया, परसपुर के शाहपुर, कोतवाली देहात के रथवलिया और खरगूपुर के असिधा गांव से भैंस चोरी करने की बात बताई है। इन मामलों में चार मुकदमों का खुलासा किया गया है। बरामदगी में पिकअप और दो मोटरसाइकिलों के साथ पशुओं की बिक्री से मिले 20 हजार रुपये भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।