एक ओर प्रदेश सरकार 'कायाकल्प योजना' के तहत परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के प्रयास कर रही है, वहीं जलेसर विकास खंड की शकरौली ग्राम पंचायत में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। यहां के प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में गंदगी, जलभराव और बदहाली का आलम है। नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय होता दिख रहा है। महापुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में पानी भरे गड्ढे और कीचड़ ने बच्चों और शिक्षकों का जीना मुहाल कर रखा है। शौचालय तक जाने के लिए भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव और गंदगी की शिकायत ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव से कई बार की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं, दिव्यांगों के लिए शौचालय का निर्माण भी नहीं कराया गया है, जबकि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में से एक है।