एटा कचहरी स्थित धरना स्थल पर बुधवार को ठगी पीड़ित जमाकर्ता संगठन के बैनर तले पीड़ितों ने प्रदर्शन किया। डीएम सभागार तक रोष मार्च निकालते हुए जमा पूंजी वापस कराने की अपनी मांग बुलंद की। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन एएसडीएम सतीश कुमार को सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि भारत में 50 करोड़ से अधिक नागरिक संगठित ठगी का शिकार हो चुके हैं। लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी विभिन्न फर्जी कंपनियों, बिल्डरों और चिटफंड संचालकों द्वारा हड़प ली गई। ठगों से बरामद की गई संपत्तियों को सरकार ने अपनी परिवर्तन एजेंसियों के माध्यम से जब्त तो कर लिया लेकिन पीड़ितों को अब तक कोई राहत नहीं मिली। केंद्रीय एजेंसियों सेबी, सीबीआई, एसएफआईओ और राज्य पुलिस की एसओजी ने अधिकांश कंपनियों की चल-अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। ये वही संपत्तियां हैं जो ठगी के पैसों से खरीदी गई थीं। उन्होंने कहा कि संसद में अनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम (बुड्स एक्ट) पारित किया गया था जिसके तहत जब्त संपत्तियों को नीलाम कर 180 दिन के भीतर ठगी पीड़ितों को उनकी जमा राशि का दो से तीन गुना धन वापस करने की व्यवस्था की गई थी। यह कानून देश के प्रत्येक ठगी पीड़ित को भुगतान की गारंटी देता है। कानून बनने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें पीड़ितों की सुध नहीं ले रहीं। इस दौरान बलराम, राम सिंह, राजकुमार सिंह, सरस्वती यादव, आराम सिंह आदि पीड़ित मौजूद रहे।