बरेली में हजरत शाहदाना वली सरकार के कुल शरीफ की रस्म मंगलवार को दरगाह शरीफ पर अदा की गई। इसमें अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी। मंगलवार सुबह तिलावते कलाम पाक से शुरू हुआ। दरगाह पर संदल पेश किया गया। इसके बाद अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी व गुलपोशी की। कुल की महफिल में दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां ने कहा कि हिंदुस्तान को एक सूत्र में पिरोने का काम ख्वाजा गरीब नवाज, सैयदना वारिस पाक से लेकर कुतुब ए बरेली हजरत शाहदाना वली सरकार तक आज भी जारी है। शाम को कुल शरीफ की रस्म में फनकार निजाम साबरी कलियर व उनके साथियों ने सूफियाना कलाम पेश किए। खानकाह तहसीनिया के सज्जादानशीन हजरत मौलाना हस्सन रजा खां ने कुल शरीफ की फतिहा पढ़ी। जानाशीने तहसीन ए मिल्लत सूफी रिजवान रजा खां ने दुआ की। इसके बाद तबर्रुक तकसीम किया गया। व्यवस्था में युसूफ इब्राहिम, हाजी अबरार खां, फसाहत नूर खां, शीरोज सैफ कुरैशी, गुल्लाना खां, सलीम रजा, आफताब खां आदि शामिल रहे। दरगाह के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि दरगाह की ओर से 101 गरीब बच्चों को कंप्यूटर कोर्स कराने, 51 गरीब लोगों की आंखों के ऑपरेशन और छह गरीब लड़कियों की शादी कराने का एलान किया गया।