बलिया के सिंचाई विभाग संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बुधवार को सिंचाई विभाग में एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया है कि सिंचाई विभाग के अति महत्वपूर्ण पद जैसे उप राजस्व अधिकारी, जिलेदार, मुंशी, हेड मुंशी पदों में कटौती के साथ ही नलकूप चालक, सीचपाल के साथ-साथ मिस्त्री कम ड्राइवर के साथ आवश्यक पदों को समाप्त करने का शासनादेश विगत 14 मई जारी किया गया है। इसके चलते कार्मिकों समुदाय के लाेगों में रोष व्याप्त है। कहा कि उक्त पदों को अनुपयोगी मनाने से विभाग में नहरों, लघुडाल नहरों एवं राजकीय नलकूपों के संचालन, रख-रखाव एवं विभागीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। यह कार्मिक ग्राम स्तर पर रहकर किसनों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराते है। इनकी अनुपस्थिति से पूरी व्यवस्था धराशासी होना सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि चतुर्मुखी विकास, युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मुहैया कराने के लिए सभी रिक्त पदों को भरे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च स्तरीय वार्ता के लिए समय नहीं दिया जा रहा है। जिससे वार्ता के अभाव में महत्वपूर्ण मांग पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सिंचाई विभाग संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति द्वारा निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। इसके बाद भी शासन और विभाग द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। इन परिस्थियों में कर्मचारी के समक्ष करो या मरो की स्थिति उत्पन्न हो गई है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों मांग किया है कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा पदों के मृत घोषित करने के शासनादेश को समाप्त किया जाए। इस मौके पर अनिल सिंह, रंजय कुमार, रविशंकर,तुषार सिंह, ओमप्रकाश भारती, अभय नारायण मिश्र,संजय उपाध्याय, रविंद्र कुमार तिवारी, अक्षय चतुर्वेदी आदि रहे।