राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के एयरफोर्स कैडेट अंतरिक्ष कुमार सिंह के पार्थिव शरीर का रविवार शाम को सुमेरपुर गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। परिवार शोक में डूबा है। परिजनों ने अंतरिक्ष की मौत को आत्महत्या न मानते हुए आरोप लगाया कि सेना के अधिकारियों द्वारा पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की जा रही है, उन्हें सीसीटीवी रिकॉर्डिंग तक नहीं दिखाई गई। माता-पिता और भाई का कहना है कि अंतरिक्ष रात 10:30 बजे तक बिल्कुल सामान्य था, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने फांसी लगा ली। अंतरिक्ष के पिता रवि प्रताप सिंह, जो असम के गुवाहाटी में सूबेदार पद पर तैनात हैं, ने बेटे को मुखाग्नि दी है। उन्होंने बताया कि 10 अक्तूबर की सुबह करीब 7 बजे एक वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया और उन्होंने पूछा कि अंतरिक्ष से आखिरी बार कब बात हुई थी। पिता ने बताया कि उन्होंने सामान्य बातचीत समझते हुए बताया कि तीन-चार दिन पहले बेटे से बात हुई थी, लेकिन कुछ देर बाद अधिकारी ने उन्हें बेटे की मौत की सूचना दी। इस पर ऐसा लगा जैसे पैरों तले जमीन खिसक गई हो। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष ने पहले बताया था कि उसे एक सीनियर द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। गुवाहाटी से पुणे पहुंचने पर उन्होंने देखा कि अंतरिक्ष का कमरा सील था, जिसे खोलकर दिखाया गया। कमरे की छत इतनी ऊंची थी कि वह अकेले फंदा नहीं बांध सकता, पिता ने कहा। उन्होंने बार-बार अनुरोध किया, परंतु सीसीटीवी रिकॉर्डिंग नहीं दिखाई गई।