बहराइच में इस बार प्रशासन ने सैयद मसूद गाजी की दरगाह पर मेला लगाने की अनुमति नहीं दी। इससे एक हजार साल की परंपरा टूटी और इस बार जेठ मेला नहीं लग रहा है। हर साल रविवार को बिना दूल्हे कें हजारों बरातें गाजे बाजे के साथ पहुंचती थीं। इस बार दरगाह पर पहले रविवार को कोई बरात नहीं पहुंची। इस मेले में पूर्वांचल से लेकर पश्चिम बंगाल तक के जायरीन शामिल होते थे। इस बार मेले की अनुमति न मिलने से गिने चुने लोग ही पहुंच रहे हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी का पहरा है।