अयोध्या के रुदौली में कृषि योग्य भूमि पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए प्लाटिंग कर प्लॉट बेचने वालों पर अब प्रशासन शिकंजा कसने की तैयारी में है। तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर प्लाटिंग के नाम पर नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अब तक जिम्मेदार विभागों ने अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की। करीब पांच दिन पूर्व 84 कोसी परिक्रमा मार्ग निर्माण के लिए रुदौली तहसील के इब्राहिमपुर गांव में बारामासी पौशाला के पास सैदपुर मार्ग पर भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का विवाद सामने आया था। प्रभावित लोगों ने एनएचएआई व प्रशासन पर उचित मुआवजा दिए बिना मकान व प्लॉटों पर बुलडोजर चलाने का आरोप लगाया था। मार्ग के दायरे में करीब 70 मकान और प्लॉट आने की बात सामने आई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने महंगे दामों पर प्लॉट खरीदे थे, लेकिन जमीन कृषि श्रेणी में दर्ज होने के कारण मुआवजा कम मिलने की आशंका है। इससे खरीदारों की परेशानी बढ़ गई है। तहसील क्षेत्र के करीमपुर, भेलसर, देवकाली, बाबा बाजार, मवई, पटरंगा और शुजागंज समेत कई इलाकों में प्लाटिंग किए जाने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि कई स्थानों पर आवश्यक नक्शा स्वीकृत कराए बिना ही प्लॉट बेचे जा रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर की गई प्लाटिंग का खामियाजा भविष्य में खरीदारों को भुगतना पड़ सकता है। सड़क, नाली और अन्य सुविधाओं के अभाव के साथ भूमि अधिग्रहण के समय मुआवजे को लेकर भी समस्या खड़ी हो सकती है। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्लाटिंग स्थलों की जांच कराई जाएगी। बिना नक्शा स्वीकृत कराए प्लॉट काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि प्रशासन की जांच में कितने मामले सामने आते हैं और अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।