अयोध्या: अयोध्या के रुदौली में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण ने इब्राहिमपुर गांव के करीब 70 परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। किसी ने जिंदगी भर की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदा तो किसी ने पेट काटकर आशियाना बनाया। रजिस्ट्री कराई, नक्शा स्वीकृत कराया और घर बसाने का सपना देखा। अब मकान और प्लॉट हटाए जाने की आशंका के बीच प्रभावित लोग मुआवजे और जमीन के हिस्सों का निर्धारण न होने से परेशान हैं। मकान और प्लॉट हटाने के लिए एनएचएआई के एई जेपी मिश्रा और जेई सतीश मौके पर पहुंचे तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी। सूचना पर तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता और लेखपाल कुलदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावितों से जमीन की रजिस्ट्री और अन्य अभिलेख तहसील में जमा करने को कहा। कमल चंद्रा के मुताबिक, मुआवजे के लिए ढाई-तीन साल पहले गजट जारी हुआ था, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। लोगों को यह तक पता नहीं चल पा रहा कि किस गाटे से किसका कितना हिस्सा लिया जा रहा है। दो लेखपाल बदल गए, लेकिन जमीन के हिस्सों का निर्धारण नहीं हुआ। मामला कोर्ट पहुंचा तो तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन एक साल से अधिक समय बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई। बहरास निवासी शकीना बानो ने बताया कि उन्होंने सात साल पहले 20 बाई 40 फीट का प्लॉट पांच लाख रुपये में खरीदा था। अब महज डेढ़ लाख रुपये मुआवजा मिलने की बात कही जा रही है। प्रभावितों का कहना है कि प्लॉट की रजिस्ट्री और नक्शा स्वीकृत होने के बावजूद कृषि भूमि की दर से मुआवजा तय किया जा रहा है। तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि लोगों से जमीन संबंधी अभिलेख जमा करने को कहा गया है, ताकि मुआवजे की कार्रवाई की जा सके।