गर्मी के साथ बढ़ी उमस और मौसम के उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों अलग-अलग बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गुरुवार को सुबह से ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की कतार लगी रही। पर्चा बनवाने के बाद फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर भी मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इनमें सर्दी-खांसी, गले के संक्रमण, एलर्जी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत वाले मरीज अधिक रहे। ओपीडी में पहुंचे रमेश ने बताया कि दो दिन से बुखार और गले में खराश की समस्या है। अस्पताल पहुंचने के बाद पंजीकरण और डॉक्टर को दिखाने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। कविता उल्टी और पेट दर्द की शिकायत लेकर आई थीं। उनका कहना था कि लगातार उल्टी होने से कमजोरी महसूस हो रही थी, इसलिए इलाज के लिए अस्पताल आना पड़ा। वहीं आकाश सर्दी-खांसी और एलर्जी से परेशान थे। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में परेशानी बढ़ गई है। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस मौसम में बुखार, गले का संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मरीजों का उपचार करने के साथ उन्हें बीमारियों से बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं। उन्होंने स्वच्छ पानी पीने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी।