बुखार, बदन दर्द, खांसी और पेट दर्द से परेशान मरीज रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में उपचार कराने पहुंचे। जिले के 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ रही। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उपचार किया। गंभीर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया। मरीजों को निशुल्क दवाएं भी दी गईं। गौरीगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैंठा पर सुबह से ही मरीज पहुंचने लगे। दोपहर 11:30 बजे डॉ. यश त्रिपाठी और डॉ. सीमा सिंह ने मरीजों की जांच की। सैंठा निवासी महरून निशा ने बताया कि पैर में चोट लग गई थी। गांव में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। मेले में चिकित्सक ने दवा दी है। इसी गांव की नाजिया ने बताया कि उन्हें 12 दिनों से ठंड लेकर बुखार आ रहा है। गांव में निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। यहां पर चिकित्सक ने जांच कराने के बाद दवा दी है। सैंठा निवासी सत्य नारायन ने बताया कि एक सप्ताह से पेट दर्द, गैस और गले में जलन की समस्या बनी हुई है। घरेलू उपचार किया लेकिन आराम नहीं मिला। अंधियारी गांव का निवासी माताफेर ने बताया कि पांच दिन से बुखार, सिर, बदन और कमर दर्द की समस्या बनी हुई है। दवा खाने पर कुछ समय के लिए आराम मिलता है, इसके बाद फिर बुखार और दर्द शुरू हो जाता है। जांच के बाद चिकित्सक ने दवा दी। चिकित्सकों ने मरीजों को साफ-सफाई रखने, स्वच्छ या उबला पानी पीने और बुखार या दस्त होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी।