अतरौली क्षेत्र के गनियावली रोड पर बेर के बाग भारी संख्या में हैं। अक्सर महाशिवरात्रि पर पूजा आदि के लिए बेर की मांग अधिक रहती है। लेकिन इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी को हुई। इस वक्त तक बेर पेड़ पर पका नहीं था। इससे बाजार में पहुंच से दूर रहा। हेमंत गुप्ता, हिमांशु मित्तल बताते हैं कि इस बार सर्दी अधिक पड़ने और बेर में पाउडरी मिल्डयू नामक फंफूदीजनित रोग का प्रभाव रहा। फल छोटा रहा और गत वर्ष की अपेक्षा पैदावार 30 से 50 प्रतिशत तक घट गई है।