तेज धूप और गर्मी से डिहाइड्रेशन, डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इससे इमरजेंसी के बेड फुल चल रहे हैं। रोजाना 30 से 35 मरीज भर्ती हो रहे हैं। पांच से आठ घंटे तक उपचार के बाद मरीजों की सेहत में सुधार होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है।