आगरा के बाह थाने पर 11 साल पहले तैनाती के दौरान निर्दोष को जेल भेजने वाले दरोगा को एससी-एसटी एक्ट में न्यायालय ने दोषी माना है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) आगरा शिवराम ने रिटायर्ड दरोगा वीरेंद्र सिंह तोमर को दो वर्ष कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष कारावास की सजा और भुगतनी होगी। वादी बाह के निवासी कालीचरन ने इसे न्याय की जीत बताया है।