आयुष और होम्योपैथी के क्षेत्र में भी आगरा बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां पर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल खोला जाएगा। ये प्रदेश में पहला आयुष इंस्टीट्यूट होगा। ये 400 बेड का होगा और ये करीब 14 एकड़ जमीन में बनेगा। इसमें कैंसर, किडनी, लिवर, हृदय रोग का बिना सर्जरी के उपचार होगा। केंद्र सरकार आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आगरा में इंस्टीट्यूट के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। इसके निर्माण के लिए रुनकता के अकबरा गांव में 13.5 एकड़ जमीन भी अधिकृत हो गई है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें 400 बेड होंगे। आईसीयू भी होगा। चिकित्सकों के लिए चैंबर भी होंगे। ओपीडी, दवा काउंटर, लैब भी होगी। आयुष, यूनानी, होम्योपैथिक, प्राकृतिक चिकित्सा और योग केंद्र होगा। इसमें आयुष चिकित्सा की पढ़ाई होगी। कैंसर, किडनी, लिवर, हृदय रोग, पेट रोग समेत अन्य जटिल बीमारियों का उपचार किया जाएगा। ऐसे में मरीजों के सर्जरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खास बात इसमें बीमारियों के लिए शोध कार्य भी किए जाएंगे। ऐसे में देश भर से मरीज इलाज कराने पहुंचेंगे।