अंग्रेजों ने भी नहीं सोचा होगा कि 1857 की क्रांति का विद्रोह ऐसा होगा कि दिमागी संतुलन ही बिगड़ जाएगा। जब पूरे देश में गुलामी के खिलाफ बिगुल बजा तो अंग्रेज भयभीत हो गए। लंबे समय तक तनाव से उनकी मनोदशा ही बिगड़ गई। ऐसे में इनके इलाज के लिए आगरा में 1859 में मेंटल हॉस्पिटल की नींव रखी। इसमें शुरुआत में इलेक्टि्रक शॉक देकर उपचार किया जाता था। 167 साल में उपचार में भी क्रांतिकारी बदलाव हुए। अब चुंबक विधि से मानसिक विकार ठीक किए जा रहे हैं।