हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वंदेमातरम को लेकर चल रही सियासी तकरार रविवार को विधानसभा परिसर से निकलकर शिमला रिज तक पहुंच गई। अवकाश के दिन भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में रिज मैदान का रुख किया। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने भाजपा विधायकों ने सामूहिक रूप से वंदेमातरम का गायन किया। सामूहिक गायन के बाद भाजपा विधायक प्रतिमा के सामने बैठ गए और करीब डेढ़ घंटे तक धरना दिया। इस दौरान पार्टी नेताओं और विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रगीत के कथित अपमान का मुद्दा उठाया। धरने के दौरान भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगीत के समर्थन में कई नारे लगाए। इनमें ‘भारत में यदि रहना होगा, वंदेमातरम कहना होगा’ और वंदेमातरम का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे शामिल रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि वंदेमातरम देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस की ओर से इसके सम्मान को लेकर उचित व्यवहार नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वंदेमातरम देश की आजादी की लड़ाई और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत का कथित रूप से अपमान हुआ। जयराम ठाकुर ने वर्ष 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदेमातरम को लेकर हुए निर्णय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश का संचालन संविधान के अनुसार होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक संगठन के फैसलों के आधार पर। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विधानसभा के भीतर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। भाजपा कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगा रही है। वहीं, कांग्रेस की ओर से भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि शुक्रवार को राष्ट्रगान समाप्त होने से पहले भाजपा के कुछ विधायक हाथ उठा चुके थे। कांग्रेस ने इसे राष्ट्रगान के सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और राजनीतिक विवाद अब विधानसभा से बाहर भी दिखाई देने लगा है।