कुलगांव में हुई फायरिंग की घटना के बाद मृत महिला का शव जब रोहड़ू अस्पताल पहुंचा तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और स्थानीय विधायक व एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार, गोली लगने से घायल महिला को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला भेजा जाना था। सुबह करीब 10 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा शव को शिमला भेजने के लिए वाहन मंगवाया गया, लेकिन मौके पर पहुंचे परिजनों का गुस्सा उस समय भड़क गया जब उन्होंने देखा कि जिस वाहन में शव ले जाने की व्यवस्था की गई थी, उसमें पहले से रेत भरी हुई थी। इसे लेकर परिजनों ने कड़ा विरोध जताया और इसे मृतका के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस समय कुलगांव में फायरिंग की घटना हुई और हथियार लहराए गए, उस दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही। उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर ऐसी घटना को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने शव को एंबुलेंस के माध्यम से शिमला भेजने की व्यवस्था की, तब जाकर मामला शांत हुआ। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।