हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में क्रस्ना लैब की हड़ताल के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जांच सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को जरूरी टेस्ट करवाने के लिए निजी प्रयोगशालाओं के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में भी हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। यहां केवल आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों के ही सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। सामान्य मरीजों को जांच करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अस्पतालों की सरकारी लैब में भी कुछ ही प्रकार के टेस्ट किए जा रहे हैं। सभी तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों की परेशानी कम नहीं हो रही है। ऐसे में कई मरीजों को मजबूरी में निजी प्रयोगशालाओं में जांच करवानी पड़ रही है। खासकर उन मरीजों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें डॉक्टरों ने जल्द जांच करवाने की सलाह दी है। हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों में जांच व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों और उनके तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।