सीटू कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड और हरियाणा सरकार की ओर से एनसीआर में मजदूरों की आवाज दबाने के प्रयास के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि एनसीआर में सरकारों की ओर से मजदूरों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि मजदूर सही मांगें कर रहे हैं। सीटू के जिला महासचिव अमित, कोषाध्यक्ष बालक राम, सचिव दलीप ने कहा कि देशभर में मजदूर अपने अधिकारों, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आज ठेका मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को 10,000-12,000 रुपये मासिक वेतन पर 10 से 14 घंटे काम करने को मजबूर किया जा रहा है। डबल ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, ईएसआई, पीएफ, बोनस, नौकरी सुरक्षा से वंचित रखा जा रह है। चार श्रम संहिता को लागू करने से मजदूरों को दबाने का काम हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान 26,000 रुपये न्यूनतम मजदूरी लागू करना करने की मांग की गई। वहीं आठ घंटे का कार्य दिवस सुनिश्चित करना, ओवरटाइम का पूरा भुगतान, ठेका श्रम व्यवस्था समाप्त करना, गिरफ्तार मजदूरों की तत्काल रिहाई, झूठे मुकदमों की वापसी करने के लिए भी कहा। इस अवसर पर शिमला जिला सचिव रमाकांत मिश्रा, सचिव विवेक कश्यप, रंजीव कुठियाला, निशा, सरिता, पूर्ण और श्याम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।