हिमाचल प्रदेश से पठानकोट के जरिये पंजाब में रेत बजरी से भरी ट्राॅलियां लेकर दाखिल होने वाले ट्रैक्टर-ट्राॅली चालकों ने चक्की पुल के निकट धरना लगाकर पंजाब सरकार खिलाफ नारेबाजी की। धरने के पीछे का कारण खनन विभाग पंजाब द्वारा वसूली जाने वाली 1000 रुपये की काटी जाने वाली पर्ची बताई गई है। 50 के करीब ट्रैक्टर-ट्राॅली चालकों को चक्की पुल पर राेकने से भारी जाम की स्थिति बन गई और वहां से गुजरने वाले आम लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। चालकों ने कई घंटे तक सड़क जाम की। कुछ समय बाद पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। उक्त चालकों ने बताया कि खनन विभाग पंजाब ने उक्त पर्ची काटे जाने संबंधी पहले कोई जानकारी नहीं दी और अब उनके पास माइनिंग मटेरियल का पक्का बिल होने के बावजूद माइनिंग विभाग के कर्मचारियों ने उनकी पर्ची काटनी शुरू कर दी है। पिछले तीन वर्षों से वे हिमाचल से पक्के बिल और एक्स फार्म के जरिये ही यह सामान लेकर आ रहे हैं और उक्त माइनिंग नाकाबंदी पर सभी दस्तावेज चेक करवा आगे जाते रहे हैं। परंतु आज बिना सूचित किए पंजाब में एंट्री फीस के नाम पर एक चक्कर के हजार रुपये की पर्ची काटी जा रही है जो सरासर गलत है।