रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा द्वारा सतलुज दरिया में हिमाचल प्रदेश की फैक्ट्रियों से वेस्ट मटीरियल आने का मुद्दा उठाते हुए इन फैक्ट्रियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाने के बाद अब इस मामले पर सियासत तेज हो गई है। आज शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा रोपड़ हेडवर्क्स पहुंचे। उन्होंने कहा कि विधायक दिनेश चड्ढा द्वारा उठाया गया कदम सही था, लेकिन आरोप लगाया कि विधायक द्वारा वेस्ट मटीरियल की तस्वीरें खिंचवाने के तुरंत बाद कथित तौर पर यह हानिकारक मटीरियल सतलुज से निकालकर केस प्रॉपर्टी बनाने के बजाय सरहिंद नहर में बहा दिया गया। डॉ. चीमा ने कहा कि सरहिंद नहर के पानी का इस्तेमाल सिंचाई के साथ-साथ पशुओं और लोगों के लिए भी किया जाता है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अब मामला किसके खिलाफ दर्ज किया जाएगा, क्योंकि यदि किसी को इस मटीरियल के हानिकारक होने की जानकारी थी, तो उसे नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से नष्ट करने या केस प्रॉपर्टी बनाने के बजाय नहर में क्यों बहाया गया। उन्होंने कहा कि नहर में बहाए गए कथित हानिकारक मटीरियल से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने पुलिस, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।