केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाने और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों गैस कनेक्शन निशुल्क तौर पर वितरित किए गए थे। लेकिन होशियारपुर जिले के मुकेरियां तहसील अंतर्गत तलवाड़ा और हाजीपुर ब्लॉक के कई ग्रामीण क्षेत्रों में महंगी रसोई गैस के कारण अनेक लाभार्थियों के लिए सिलेंडर की नियमित रीफिल कराना कठिन होने के कारण ही वह अब फिर से जंगलों में से लकड़ियों को एकत्रित करने को मजबूर हो गए हैं। इसके चलते कई परिवार दोबारा लकड़ी के चूल्हों पर भोजन बनाने को मजबूर हैं। इस दौरान पूजा देवी निवासी वनकरणपूर का कहना है कि उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें गैस कनेक्शन तो मिला, लेकिन घरेलू खर्च लगातार बढ़ने के कारण गैस सिलेंडर भरवाना उनके बजट से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में अधिकांश परिवार केवल विशेष अवसरों पर ही गैस का उपयोग करते हैं, जबकि दैनिक भोजन आज भी लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है। क्षेत्र की रमा रानी महिला लाभार्थी ने बताया कि परिवार की सीमित आय में राशन, बच्चों की पढ़ाई और अन्य घरेलू खर्च पूरे करना ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गैस सिलेंडर भरवाने के लिए अतिरिक्त राशि जुटाना संभव नहीं हो पाता, इसलिए उन्हें जंगलों और आसपास के क्षेत्रों से लकड़ी लाकर चूल्हा जलाना पड़ता है।