जेलों में बंद सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। इसका असर बरनाला शहर के बाजारों में भी देखने को मिला। सुबह करीब 10 बजे बाजारों में दुकानें बंद नजर आईं। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के जिला प्रधान दर्शन सिंह मंडेर, जिला पंजाब महासचिव गुरजंट सिंह कट्टू और पूर्व सैनिक विंग के पंजाब प्रधान गुरतेज सिंह दानगढ़ समेत पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न बाजारों का दौरा किया। उन्होंने दुकानदारों और व्यापारियों से शांतिपूर्वक बाजार बंद रखकर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग का समर्थन करने की अपील की। पार्टी नेताओं ने कहा कि कई ऐसे बंदी सिंह हैं, जो अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वे जेलों में बंद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि डेरा प्रमुख को समय-समय पर पैरोल मिल सकती है तो सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि सरकारें चाहें तो इस मुद्दे को विधानसभा और लोकसभा में उठाकर सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई का रास्ता साफ कर सकती हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने बंद के दौरान लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।