किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने केंद्र सरकार पर किसानों के नाम पर नया कर्ज उठाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन नीतियां उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करने वाली साबित हो रही हैं। पंधेर ने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर लिया जा रहा कर्ज वास्तव में बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए है, जबकि आम किसान पहले ही बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। ऐसे में नई आर्थिक नीतियां किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय कर्ज पर निर्भर बना रही हैं। पंधेर ने केंद्र सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि किसानों से जुड़े हर फैसले पर खुली चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश का अन्नदाता आर्थिक गुलामी की ओर न धकेला जाए।