उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर कहा कि करीब डेढ़ साल पहले उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 28-30 ऐसी संपत्तियों की पहचान की थी, जहां लीज शर्तों का उल्लंघन किया गया था। लीज रद्द होने के बाद संपत्ति उज्जैन विकास प्राधिकरण के नियंत्रण में आ गई। कोर्ट ने स्टे हटा दिया और अब उसी के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। जमीन का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था।