सीहोर-रातीबड़-भोपाल मार्ग पर ग्राम पिपलिया मीरा में स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री पर ईडी की कार्रवाई चल रही है। पुलिस के जवानों के साथ अधिकारियों की टीम पनीर फैक्ट्री पहुंची। यहां जांच पड़ताल की जा रही है। एक टीम फैक्ट्री प्रबंधन के मुरैना, भोपाल स्थित ठिकाने पर भी कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के अनुसार, जयश्री गायत्री फूड के मुख्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा है। गायत्री फूड कंपनी डेयरी प्रोडक्ट्स बनाती है। ईडी ने बुधवार सुबह से सीहोर, भोपाल, मुरैना सहित अन्य ठिकानों पर भी रेड डाली है। इस कंपनी के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं। बताया जाता है कि इन उत्पादों को भेजने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर कारोबार किए जाने की बात सामने आई है। इसके जरिए विदेशी निवेश किया जा रहा है। शिकायत के बाद ईडी ने कार्रवाई शुरू की है। इस कंपनी पर छह महीने पहले राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भी छापेमारी की थी।
कार्रवाई के दौरान ये जानकारी सामने आई है कि 27 देशों में भेजे जाने वाले प्रोडक्ट्स के सर्टिफिकेट फर्जी हैं। साथ ही दूसरे देशों की कई एजेंसियों ने अमानक खाद्य पदार्थों को लेकर केंद्र सरकार से शिकायत की थी। सीहोर में सीहोर बिलकिसगंज मार्ग पर स्थित पनीर फैक्ट्री तथा भोपाल में ईडी की ये कार्रवाई बिट्टन मार्केट के पास स्थित कंपनी के ऑफिस में की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पूरी कार्रवाई को अत्यंत गोपनीय रखा गया है। फैक्ट्री प्रबंधन या किसी आधिकारिक सूत्र की ओर से अभी तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। फैक्ट्री के बाहर तैनात पुलिस भी कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी साझा करने से बच रही है। बाहर से बुलाई गई पुलिस टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान मौके पर मौजूद हैं।
मुरैना में कृष्ण मिल्क प्रोडक्ट्स पर भी छापा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह मुरैना में कृष्ण मिल्क प्रोडक्ट्स दुकान के मालिक नरेंद्र मोदी के गणेशपुरा स्थित आवास और सीहोर स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी की। घर पर ताला होने के कारण ईडी अधिकारियों को मेन गेट का ताला तोड़ना पड़ा। मोदी की मुख्य दुकान महाराजपुर रोड पर स्थित है। नरेंद्र मोदी के दो बेटे अमित और किशन मोदी सीहोर स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री का संचालन करते हैं। दो साल पहले आयकर विभाग ने भी छापेमारी की थी, जिसमें बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हुआ था।
किसानो की खराब हो गई थी फसल
19 जनवरी 2022 को भी फैक्ट्री उत्पादन बंद कराया गया था। फैक्ट्री के केमिकलयुक्त पानी से किसानों की फसल खराब होने और जल प्रदूषण के उपाय न होने की शिकायतें मिली थीं। जांच में दोषी पाए जाने पर बोर्ड ने 1 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।