उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर क्षेत्र) का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की 'लैब टू लैंड' (प्रयोगशाला से खेत तक) की अभिनव पहल की सराहना किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के व्यावहारिक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग-अलग एग्रो-क्लाइमैटिक जोन (कृषि-जलवायु क्षेत्रों) की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाना एक ऐतिहासिक कदम है। सम्मेलन में बताया गया कि अब कृषि अनुसंधान केवल लैब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसे सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाया जाएगा, जिससे खेती अधिक उत्पादक और आधुनिक बनेगी। योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष के 'विकसित कृषि अभियान' का जिक्र करते हुए किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रशिक्षुओं के बीच बढ़ते उत्साह और जिज्ञासा की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत सरकार के स्तर पर ऐसी सशक्त पहल होती है, तो राज्य सरकारें भी उसका अनुसरण कर देश की कृषि व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाती हैं। हमारे पास सब कुछ है, बस उस पहल को नेतृत्व देने की आवश्यकता थी, जो अब साकार हो रही है।